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SEO क्या है कैसे सीखें और ब्लॉग़ के लिए क्यों जरुरी है हिंदी में जानकारी

SEO क्या है?

यह प्रश्न अक्सर उन लोगों द्वारा पूछा जाता है जिनके पास अपना खुद का ब्लॉग या वेबसाइट है या उसकी शुरुआत करने जा रहे हैं.

या फिर संभव है आपने SEO के बारे में हमारी गाइड डिजिटल मार्केटिंग क्या है से इसके बारे में सुना होगा.

बहरहाल कारण कुछ भी रहा हो. आप SEO के बारे में जानकारी लेना चाहते है और जानना चाहते है एसईओ करके ब्लॉग/वेबसाइट का ट्रैफिक कैसे बढ़ाया जाता है? क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य यहीं है.

तो आज हम आपके साथ SEO विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी साझा करेंगे. जिससे एसईओ से संबंधित सवालों के जवाब मिल जाएंगे. यदि कुछ छूट जाए तो आप कमेंट करके पूछ लेना.

आपकी सुविधा के लिए हमने इस लेख को निम्न भागों में बांट दिया है. आप जिस भी टॉपिक को पहले पढ़ना चाहते है उसके ऊपर एक टैप करके पहुँच जाएंगे.

SEO क्या है – What is SEO in Hindi?

अपनी वेबसाइट/ब्लॉग का ऑर्गेनिक ट्रैफिक की मात्रा तथा गुणवत्ता के साथ ब्रांडिंग रिजल्ट भी अधिक से अधिक प्राप्त करने के लिए किए गए सामुहिक प्रयास ही एसईओ कहलाता है. एसईओ का पूरा नाम सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन होता है. यह डिजिटल बिजनेस का एक अहम हिस्सा है.

SEO Kya Hai in Hindi

अगर इसे और सरल शब्दों में कहें तो, “सर्च इंजन रिजल्ट रैंकिंग को बेहतर बनाने की प्रक्रिया सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) है.

SEO ब्लॉगर या वेब मास्टर द्वारा किसी ब्लॉग या वेबसाइट में ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त करने हेतु किया जाता है.

जब भी आप गूगल पर अपनी क्वेरी/क्वेश्चन टाइप करते हैं तो आपको रिजल्ट्स में Top 10 Links देखने को मिलते हैं.

Google Showing Search Results for a Search Query on Desktop

लेकिन अधिकतर लोग Top के 3 रिजल्ट्स में ही क्लिक करते हैं क्योंकि अधिकतर यूजर्स को अपने प्रश्न का जवाब ऊपर के तीन रिजल्ट्स में ही मिल जाता है.

इस प्रकार समझें तो SEO एक ऐसी वेबसाइट को बनाने की प्रोसेस है. जिसमें इंटरनेट यूजर्स को उनके प्रश्नों का उपयोगी, सटीक और जल्दी जवाब मिल सके.

अब यहां पर समझने वाली बात यह है कि हजारों वेबसाइट में से टॉप 3 में दिखाई देने वाली इन साइट्स को बेहतर तरीके से SEO ऑप्टिमाइज् किया जाता है .इसीलिए उनकी रैंकिंग सबसे ऊपर होती है.

इसलिए वर्तमान समय में कंपनियां अपने प्रोडक्ट एवं सर्विस को प्रमोट करने के लिए SEO Experts को हायर करती है. ताकि वे अपने प्रोडक्ट एवं सेवाओं को सर्च इंजन रिजल्ट्स में टॉप पर दिखा सके. और अधिक से अधिक लोग उनके उत्पादों एवं सेवाओं के बारे में जान सके तथा उनकी सर्विस का फायदा ले सके.

अब इससे पहले की SEO करने के विषय पर विस्तार से समझा जाएं पहले यह जान लेते हैं कि वेबसाइट के लिए आखिर सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) करने की जरूरत क्या है?

ब्लॉग़/वेबसाइट के लिए एसईओ का क्या महत्व है?

मान लीजिए आपने लोगों को कंप्यूटर के विषय पर कुछ सिखाने के लिए खुद का एक ब्लॉग़ शुरू किया.

आपने कम्प्यूटर से संबंधित टॉपिक्स पर कई बढ़िया पोस्ट्स लिखी और पब्लिश कर दी. कुछ दिन बाद आप देखते है कि आपकि इन पोस्ट्स को तो किसी ने पढ़ा भी नहीं.

ऐसा कैसे हो सकता है?

ऐसा ही होता है. जब हम बिना SEO को ध्यान में रखते हुए किसी टॉपिक पर ब्लॉग पोस्ट सबमिट करते हैं. बिना एसईओ करें आप सर्च इंजनों से ट्रैफिक प्राप्त नहीं कर पाएंगे.

ये एक बात हुई.

लेकिन दूसरी तरफ यदि आपने ब्लॉग पोस्ट्स में SEO किया हुआ है. तो संभव है आज नहीं तो कुछ दिन बाद, 1 महीने बाद या 1 साल बाद उस टॉपिक पर आपकी पोस्ट सर्च इंजन पर देखने को मिले. और आपको खूब सारा मुफ्त का ट्रैफिक मिल जाए.

असल में SEO करने का यही कारण है कि लोग इससे अपने ब्लॉग, वेबसाइट पर क्वालिटी ट्रैफिक प्राप्त करते हैं. और उन्हें अधिक ट्रैफिक प्राप्त होता है तो उस ब्लॉग या वेबसाइट को बनाने का उद्देश्य पूरा होता है.

 मान लीजिए हम TutorialPandit पर अपने ब्लॉग़ पोस्ट का SEO नहीं करेंगे तो सर्च इंजन में हमारी पोस्ट का आना मुश्किल हो जाएगा. और हमारा आप तक जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पाएगा.

तो अब आप समझ चुके होंगे कि आखिर SEO क्या है? और यह इंटरनेट पर मौजूद किसी भी वेबसाइट के लिए फसल में पानी का काम करता है. और आपने पढ़ा होगा “बिन पानी सब सून.” एसईओ को कम ना समझे.

SEO कैसे काम करता हैHow Does SEO Work in Hindi?

SEO एक पूरी प्रोसेस है जिसमें हम अपने कस्टमर (इंटरनेट पर सर्च करने वाले यूजर्स) के इरादे को समझते हुए अपने कोंटेट को ऑप्टिमाइज करते हैं.

मतलब एक वेबसाइट ऑनर के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि उसके ब्लॉग वेबसाइट में जो जानकारी दी गई है उस जानकारी कि लोगों को जरूरत है या नहीं?

दरअसल, SEO का मकसद अपने ब्लॉग वेबसाइट के माध्यम से अपने प्रोडक्ट एवं सर्विसेज की सेवाएं देना या कोई अन्य इंफॉर्मेशन देना नहीं है. बल्कि जिस चीज की वाकई एक कस्टमर को जरूरत है उस चीज को प्रोवाइड करवाना SEO का उद्देश्य है.

और यही समझ कर आज बिजनेस ऑनर्स एवं ब्लॉगर ब्लॉग के माध्यम से लोगों को उपयोगी सहायता दे रहे हैं और जिनका उन्हें भी फायदा मिल रहा है.

मान लीजिए यूजर्स गूगल में सर्च करते हैं ऑनलाइन पैसे कैसे कमाएं? और आपका ब्लॉग पैसे कमाने से संबंधित है

तो चूंकि आप समझ चुके हैं कि यूजर्स को ऑनलाइन पैसे कमाने में दिलचस्पी है. अब आपको अपने आर्टिकल में ऑनलाइन पैसे कमाने से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध करानी है.

इस टॉपिक पर आर्टिकल लिखने के बाद अब SEO इस जानकारी को उन यूजर्स तक पहुंचाने में आपकी हेल्प करता है. SEO कर आप अपने आर्टिकल को सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज्ड कर अपने ब्लॉग पोस्ट को सर्च इंजन रिजल्ट पेज (SERP) में टॉप पर प्रदर्शित कर सकते हैं.

अब यहां आपके मन में एक सवाल आ सकता है कि सर्च इंजन को ऑप्टिमाइज करने की यह प्रक्रिया किस तरीके से शुरू होती है. अर्थात SEO कैसे करते है?

SEO में मुख्यतः तीन चीजें होती है. जिनके आधार पर आप कह सकते हैं किसी वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज किया जाता है. और सर्च इंजन में रैंकिंग के ऊपर होने की संभावनाएं बढ़ जाती है.

#1 Keyword Research करें

कीवर्ड रिसर्च का मतलब होता है. यह पता लगाना कि लोग सर्च इंजन जैसे गूगल, बिंग इत्यादि में क्या सर्च कर रहे हैं? उस कीवर्ड को महीने में कितने लोग सर्च कर रहे हैं. और उस पर कंपटीशन कितना है?

यह तीनों जानकारियां कीवर्ड रिसर्च में बेहद आवश्यक है. आपका जिस भी Niche (विषय) पर अपना ब्लॉग है. उस ब्लॉक में आर्टिकल लिखने से पहले आपको कीवर्ड रिसर्च करना बेहद जरूरी है.

मान लीजिए आप बिना कीवर्ड रिसर्च के किसी भी टॉपिक पर लिख देते हैं और गूगल पर उसे कोई सर्च ही ना करता हो तो SEO का कोई महत्व नहीं रह जाएगा.

अत: अपनी वेबसाइट/ब्लॉग़ को ऑप्टिमाइज करने का पहले चरण में कीवर्ड रिसर्च जरूरी होता है.

#2 On Page SEO करें

SEO करने की इस प्रक्रिया का दूसरा चरण है आप अपनी वेबसाइट/ब्लॉग का On Page SEO करें.

ये On Page SEO क्या बला है अब?

तो जनाब अपनी वेबसाइट/ब्लॉग़ के आंतरिक भाग को ऑप्टिमाइज करना ही ऑन पेज एसईओ है.

अर्थात आर्टिकल को सर्च इंजन के लिए Ready बनाना On Page SEO के अंदर ही गिना जाता है.

इसके अंतर्गत आपको निम्न बातों का ख्याल रखना होता हैं:-

  • आर्टिकल के Title में अर्थात H1 (मुख्य हैडिंग) में फोकस कीवर्ड का इस्तेमाल करें.
  • आर्टिकल के बीच-बीच में अपने Main Keyword का फैलाव करें.
  • कीवर्ड का उपयोग आवश्यकता से अधिक ना करें अन्यथा Keyword Stuffing (Spamming) हो जाएगी.
  • अपने आर्टिकल को SEO Friendly बनाने के लिए ग्राफिक्स के साथ वीडियो भी ऐड करें. यानि मल्टीमीडिया कोंटेट तैयार करें.
  • इमेज में Alt Text जरूर डालें. इससे सर्च इंजन को आपकी इमेज के बारे में पता चलता है.
  • आर्टिकल में मुख्य हैडिंग्स को दर्शाने के लिए H2 सब-हेडिंग्स का इस्तेमाल करें.
  • कोंटेट में क्वालिटी होनी चाहिए और पूरा जवाब मिलना चाहिए.
  • आर्टिकल से संबंधित और आर्टिकल्स की लिंक भी जरूर जोड़े. इससे आपकी साइट का इंटरनल लिंक्स स्ट्रक्चर मजबूत बनता है.

इस कार्य को Ready Made कर दिया गया है. यानि आप वेबसाइट/ब्लॉग़ को किसी कोंटेट मैनेजमेंट सिस्टम के द्वारा चला रहे है तो आपको बहुत सारे प्लग-इन मिल जाएंगे. जो इस कार्य में आपकी मदद करेंगे. जैसे; Yoast SEO Plugin, All in One SEO Pack, SEOPress, Rank Math आदि लोकप्रिय हैं और Best SEO Plugin for WordPress Blogs in Hindi साबित हुए है.  

#3 Off Page SEO

इसे Off Site SEO भी कहा जाता है, क्योंकि इसे साइट के बाहर किया जाता है. सर्च इंजन रैंकिंग पाने हेतु Off Page SEO सभी ब्लॉग वेबसाइट हेतु बेहद जरूरी है. Off Page SEO में मुख्यतः आपको अपनी वेबसाइट ब्लॉग में क्वालिटी कंटेंट लिखने के साथ-साथ अपनी वेबसाइट की अथॉरिटी बढ़ाने में ध्यान देना होता है.

इसमें आपको अपनी साइट के लिए दूसरी अथॉरिटी वेबसाइट से बैकलिंक बनाने होते हैं.

यह कुछ ऐसा ही है जिस तरह हम समाज में प्रतिष्ठित लोगों के साथ उठते बैठते हैं. हमारी प्रतिष्ठा बढ़ जाती है. ठीक उसी तरह यदि आप किसी हाई अथॉरिटी साइट से बैकलिंक प्राप्त करते हैं तो इससे गूगल के पास आपकी साइट के प्रति सकरात्मक संदेश पहुंचता है. और वह आपकी वेबसाइट को भी Genuine & Relevent वेबसाइट समझते हुए सर्च इंजन रैंकिंग में रैंकिंग देता है जिससे आपकी रैंकिंग में बढ़ोतरी होती है.

तो इस तरह यह तीनों ही मुख्य चीज SEO में आती है और यदि आप SEO को अपने ब्लॉग या वेबसाइट में करना चाहते हैं तथा SEO सीखना चाहते तो आपको इन तीनों ही चीजों को बारीकी से सीखना होगा.

तो चूंकि एक Beginner के तौर पर यदि आपने अब तक यह पोस्ट पड़ी तो अब आप जान चुके होंगे SEO क्या है? लेकिन यदि आप इस समय ब्लॉगिंग कर रहे हैं तो कैसे  आप अपने ब्लॉग में SEO Optimized Post लिख सकते हैं आइए जानते है.

अपने ब्लॉग वेबसाइट के लिए SEO Friendly Article कैसे लिखें?

#1 Keyword Research and Analysis

SEO के पहले स्टेप में हमने जाना था कि ब्लॉग के लिए कोंटेंट तैयार करने से पूर्व कीवर्ड्स रीसर्च करना बेहद जरूरी है. अतः Blog में आर्टिकल लिखने से पूर्व आप जिन कीवर्ड्स पर आर्टिकल लिखना चाहते हैं उनकी एक लिस्ट तैयार कर ले.

अब आप अपने Targeted कस्टमर्स के लिए जिस कीवर्ड पर आर्टिकल लिख रहे हैं. उस टॉपिक पर गूगल पर कीवर्ड सर्च करें सर्च करते ही आपके सामने गूगल की उस कीवर्ड से रिलेटेड सुझाव आ जाएंगी.

Google Showing Search Suggestion for a Hindi Search Query

जैसा आप ऊपर ग्राफिक में देख पा रहे होंगे मैंने बस टाइप किया ऑनलाइन पैसे तो उसके बाद गूगल ने मुझे वे टॉपिक्स दिखाए जो अक्सर लोग गूगल पर सर्च करते हैं.

इसके अलावा यदि आपका नया ब्लॉग है तो ध्यान रखें आप जिस कीवर्ड पर आर्टिकल लिख रहे हैं. उस कीवर्ड पर अधिक कंपटीशन ना हो. अर्थात किसी High Authority Site ने यदि टॉपिक पर आर्टिकल लिखा हुआ है तो आपके लिए Rank करना मुश्किल होगा तो आप शुरुआत में Low Competition Keyword का चुनाव करें आप इसके लिए Ahref, SEMRush प्रीमियम टूल या गूगल के फ्री टूल Google Keywords Planner का इस्तेमाल कर सकते हैं.

#2 Unique and Quality Content

कीवर्ड रिसर्च करने के बाद बारी आती है एक शानदार आर्टिकल तैयार करने की अर्थात आप जो आर्टिकल लिख रहे हैं उस टॉपिक पर तो पहले से ही कई लोगों ने लिखा हुआ है. यदि आप भी उनके जैसा ही आर्टिकल लिख लेते हैं अर्थात उनकी कॉपी कर लेते हैं तो गूगल क्यो उन वेबसाइट्स के स्थान पर आपकी साइट को टॉप में रैंकिंग देगा?

इस स्थिति में दो ऑप्शन है आपके पास या तो आपका आर्टिकल उनसे अलग (Unique) होना चाहिए या फिर बेहतर होना चाहिए.

मान लीजिए किसी टॉपिक पर पहले से ही कोई आर्टिकल लिखा हुआ है. तो अब आप उन सभी के आर्टिकल को पढ़ें और देखें कि क्या कमी लग रही है? और आप उस आर्टिकल में कौनसी वैल्यू ऐड कर सकते हैं. और अपने आर्टिकल को बेहतर बना सकते हैं.

आप ऊपर बताई गई इन दोनों टिप्स को फॉलो कर बेहतरीन कंटेंट तैयार कर चुके हैं.

#3 On Page SEO

एक शानदार क्वालिटी आर्टिकल लिखने के बाद जिसे लोग पढ़ना पसंद करें.  इसके साथ-साथ आपके लिए अपने ब्लॉग पोस्ट का On Page SEO करना भी जरूरी हो जाता है. क्योंकि इस आर्टिकल को सर्च इंजन में Rank करने के लिए आपके ब्लॉग पोस्ट का SEO Optimize होना बेहद आवश्यक है.

अन्यथा आपने जो इतनी मेहनत से आर्टिकल तैयार किया है. आप जिन लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं वह शायद उन तक न पहुंच सके. तो इसके लिए On Page SEO जरूर करें.तो यदि आप अपनी ब्लॉग पोस्ट का On Page SEO करना चाहते हैं तो आपको पहले इसे सीखना होगा.

आपको ऊपर हमने पहले ही On Page SEO की कुछ टिप्स दी है. साथ ही On Page SEO को आपको और करीबी से सीखना होगा. ताकि आपको अपने सभी ब्लॉग़ पोस्ट पर ढेर सारा ट्रैफिक प्राप्त हो. अतः अभी से ही On Page SEO को गूगल, यूट्यूब के माध्यम से सीखना शुरू कर दें.

इस प्रकार एक शानदार पोस्ट आप अपने ब्लॉग के लिए लिख सकते हैं. जो न सिर्फ आपके पाठकों के लिए उपयोगी हो साथ ही सर्च इंजन्स भी उसे पसंद करें.

एक बात ध्यान रखें यदि आप सिर्फ SEO के मद्देनजर पोस्ट करते हैं तो गूगल या कोई भी सर्च इंजन उसे स्वीकार नहीं करेगा और आपकी पोस्ट की रैंकिंग पूरी तरह से डाउन हो जाएगी.

SEO कैसे सीखें – How to Learn SEO in Hindi?

SEO Experts बनकर आप अपना या अपने क्लाइंट का ऑर्गेनिक सर्च ट्रैफिक बढ़ाना चाहते है तो आपको एसईओ सीखना पड़ेगा. SEO सीखकर पैसे कैसे कमाएं इस सवाल का जवाब भी मिल जाएगा.आपकी सुविधा के लिए कुछ तरीके नीचे बताएं गए है.

#1 Enroll in SEO Courses

यदि आप एसईओ एक्सपर्ट बनना चाहते हैं तो पहला रास्ता है ऑनलाइन कोर्सेस में एंरॉल किया जाए. यह कोर्सेस एसईओ एक्सपर्ट्स द्वारा बनाए गए हैं. इसलिए, प्रैक्टिकल नॉलेज, आसान मेथडोलॉजी, टिप्स तथा ट्रिक्स, यूजफुल टैक्टिक्स की भरमार होती है.

आप इन कोर्सेस को विभिन्न ऑनलाइन लर्निंग पोर्टल्स से कर सकते हैं. जिनमें कुछ मुख्य नाम निम्न हैं.

#2 Buy SEO Books

यदि आपको पढ़कर सीखना पसंद है तब आप एसईओ सीखने के लिए किताबों का सहारा ले सकते हैं. इन किताबों को आप अमेजन जैसे ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल्स से खरिद सकते हैं.

साथ में बहुत सारे पेशेवर ब्लॉगर द्वारा भी ई-बुक्स प्रकाशित की जाती है. इन बुक्स को खरिदकर भी आप एसईओ की बेहतरीन और ज्ञानवर्द्धक नॉलेज प्राप्त कर सकते हैं.

#3 Read SEO Related Blogs

यह एक मुफ्त और प्रैक्टिल तरीका है एसईओ सीखना के लिए. क्योंकि इन ब्लॉग्स पर एसईओ से संबंधित जानकारी प्रकाशित की जाती है. आप इन ब्लॉग्स को गूगल करके आसानी ढूँढ सकते है. क्योंकि ये फर्स्ट पेज पर ही शॉ होते है.

इनका फायदा यह है कि यहाँ पर एसईओ को उनकी ब्लॉग पोस्ट्स पर आजमाया जाता है फिर उनका विश्लेषण करके टिप्स & ट्रिक्स तथा एसईओ टैक्टिक्स को बताया जाता है. इसलिए, फ्री में एसईओ एक्सपर्ट बनने का यह सरल, मुफ्त और ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है.

Best SEO Blogs to Read

  • Backlinko
  • NeilPatel Blog
  • Moz Blog
  • Ahref Blog
  • SEMRush
  • Google Webmaster
  • Yoast Blogs
  • Bing Webmaster Guidelines

#4 Watch YouTube Videos

एसईओ ब्लॉग़ पढ़ने के बाद बारी आती है वीडियो देखकर सीखना. और इसके लिए फ्री का साधन है यूट्यूब.

यहाँ पर आपको दर्जनों यूट्यूब चैनल मिल जाएंगे. जो आपको SEO Basics in Hindi से लेकर SEO Advance Training in Hindi तक फ्री मुहैया कराते हैं. इन चैनल्स को आप यूट्यूब पर जाकर आसानी से ढूँढ सकते है.

#5 Make a Blog and Practice

कहते है अभ्यास इंसान को पूर्ण बनाता है. इसी सुक्ति से प्रभावित होकर हमने यह बिंदु यहां जोड़ा है.

यदि आप एक दक्ष और लोकप्रिय एसईओ एक्सपर्ट बनना चाहते है तब खुद का ब्लॉग बनाकर और उस पर सीखी गए एसईओ टैक्टिक्स को आजमाने से बेहतर तरीका कोई नहीं है.

इसलिए, आप एसईओ सीखने के प्रति गंभीर है तो अभी अपना डोमेन नेम रजिस्टर करवाकर होस्टिंग से जोड़ लिजिए. सच बता रहे हैं खुद करके देखना और फिर सीखना. इससे बढ़िया सीखने का तरीका दुनिया में कोई नहीं हैं.

#6 Learn Digital Marketing

डिजिटल मार्केटिंग की ट्रैनिंग के दौरान एसईओ के बारे में भी सिखाया जाता है. यदि आप एसईओ से जुड़ी अन्य स्किल्स में हाथ आजमाना चाहते है तो डिजिटल मार्केटिंग आपके लिए बेहतर रहेगा.

आप इस स्किल को सीखकर एक पेशेवर डिजिटल मार्केटर बनकर अपना डिजिटल करियर शुरु कर सकते है. और पैसे कमाना शुरु कर सकते है.

हमने डिजिटल मार्केटिंग के ऊपर एक गाइड प्रकाशित की हुई है. आप इसे पढ़कर डिजिटल मार्केटिंग के बारे में सारी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

डिजिटल मार्केटिंग क्या है और सीखकर पैसे कैसे कमाएं?

SEO Glossary in Hindi – Useful SEO Terms Meaning in Hindi

  • Algorithms – वह विशेष तरीका और सूत्र जिसके द्वारा भंडारित सूचना को उपयुक्त ढंग से खोजा जाता है.
  • Alt text – किसी ग्राफिक का वर्णन करने के लिए लिखा गया टेक्स्ट ही अल्ट टेक्स्ट होता है. यह ग्राफिक की रैंकिंग के लिए जरूरी होता है.
  • AMP – गूगल द्वारा साइट स्पीड को बढ़ाने तथा मोबाइल फ्रेंडली वेबपेज बनाने के लिए तैयार की गई तकनीक. इसका पूरा नाम Accelerated Mobile Pages होता है.
  • Anchor Text – जिस शब्द/शब्दांश से इंटरनेट पर मौजूद आइटम्स के यूआरएल को जोड़ा जाता है.
  • Backlinks – अन्य वेबसाइटों पर आपके ब्लॉग/वेबसाइट की एक्टिव लिंक होना बैकलिंक कहलाता है.
  • Black Hat – जब किसी एसईओ प्रैक्टिस में सर्च इंजन की गाइडलाइन्स का पालन न करते हुए वेबसाइट्स/ब्लॉग्स को ऑप्टिमाइज किया जाता हैं.
  • Bots – सर्च इंजनों का वह विशेष प्रोग्राम जो इंटरनेट पर मौजूद कोंटेट को ढूँढता है. जिन्हे क्रॉलर या स्पाइडर्स भी कहते हैं.
  • Bounce Rate – किसी यूजर द्वारा केवल एक ही वेबपेज को विजिट करने के बाद वापस चले जाने का प्रतिशत बाउंस रेट कहलाता है. यह स्कोर साइट रैंकिंग को प्रभावित करता है.
  • Browser – वेब पर मौजूद जानकारी को एक्सेस करने के लिए विकसित सॉफ्टवेयर वेब ब्राउजर कहलाता है. जैसे; क्रोम ब्राउजर, फायरफॉक्स ब्राउजर, माइक्रोसॉफ्ट एज आदि.
  • Caching – वेबपेज का सेव्ड वर्जन.
  • Channel – जिन भिन्न माध्यमों से आप ट्रैफिक, लीड प्राप्त करते है.
  • Click-through Rate – सर्च रिजल्ट में आने की संख्या और उस पर क्लिक करने का अनुपात. जैसे आपकी साइट 100 बार सर्च रिजल्ट में आती है इस दौरान 15 क्लिक हुई तो आपका सीटीआर 15% होगा.
  • Cloaking – एक यूआरएल अथवा वेबपेज द्वारा भिन्न-भिन्न कोंटेंट दिखाना. इंसानों यानि विजिटर्स को अलग और सर्च इंजनों को अलग. यह पूरी प्रक्रिया क्लॉकिंग कहलाती है.
  • Crawler – वह विशेष प्रोग्राम जो सर्च इंजनों द्वारा इंटरनेट से जानकरी खोजने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
  • Crawling – सर्च इंजन जिस तरीके से वेबपेजों को खोजता है क्रॉलिंग कहलाती है.
  • DA – इसका पूरा नाम Domain Authority होता है. यह नाम मोज मैट्रिक द्वारा दिया इस्तेमाल होता है. यह एक स्कोर होता है जो एक साइट की सर्च रैंकिंग क्षमता को दर्शाता है.
  • De-indexed – सर्च इंजन के इंडेक्स से किसी एक या अधिक वेबपेज का हटना डी-इंडेक्स्ड कहलाता है.
  • DoFollow – जब किसी लिंक को rel=”follow” द्वारा मार्कअप किया जाता है तो वह लिंक Dofollow होती है.
  • Featured Snippets – एक विशेष बॉक्स जो सर्च करने पर जवाब के रूप में सर्च इंजन द्वारा SERP पर दिखाया जाता है.
  • Google Analytics – गूगल द्वारा विकसित के टूल जो वेबमास्टरों को वेबसाइट/ब्लॉग से विजिटर्स के व्यवहार के बारे में जानकारी देता है.
  • Google Search Console – गूगल का एक प्रोग्राम जो वेबमास्टरों को उनकी वेबसाइटो/ब्लॉगों की सर्च परफॉर्मेंस ट्रैक करने की सुविधा मुफ्त प्रदान करता है.
  • Guest Blogging – बैकलिंक, ब्रांडिंग, संबंध तथा विश्वसनियता बनाने के लिए अन्य ब्लॉग/वेबसाइटों पर ब्लॉग पोस्ट लिखना गेस्ट ब्लॉगिंग कहलाती है.
  • HTML – एक मार्कअप लंगुएज जिसका उपयोग वेबपेज बनाने के लिए किया जाता है. इसका पूरा नाम Hyper Text Markup Language होता है.
  • Image Carousels – इसे इमेज रिजल्ट कहते है. इस दौरान कुछ फोटो दिखाए जाते हैं जिन्हे दाएं-बाएं सरकाया जा सकता हैं.
  • Indexing – सर्च इंजनों द्वारा वेबपेजों को संभालकर रखने का तरीका इंडेक्सिंग कहलाता है.
  • Internal Links – आपकी साइट/ब्लॉग पर मौजूद वेबपेजों का यूआरएल दूसरे आपकी ही साइट के अन्य वेबपेजो पर होना इंटरनल लिंक्स कहलाता हैं.
  • IP Address – वेबसाइट/ब्लॉग का विशेष नाम जो उसे अन्य वेबसाइट/ब्लॉग से अलग करता है. यह नाम संख्याओं से मिलकर बनता है. जिसे केवल मशीन पढ़ सकती है. हम मानवों के लिए इन्हे समझना बहुत कठिन काम होता है. इसलिए, प्रत्येक आईपी एड्रेस को एक “शब्द-नाम” से भी जोड़ा जाता है यह शब्द-नाम ही वेबसाइट/ब्लॉग का नाम होता है.
  • Keyword Difficulty – किसी अन्य साइट के लिए आपकी साइट का वह स्कोर जो उसे आपको रंकिंग में पछाड़ने के लिए मिला है. जितना ज्यादा स्कोर होगा उतना ही कठिन होगा.
  • Keywords – वह शब्द या शब्दांश जिन्हे टाइपकर/बोलकर जानकारी सर्च की जाती हैं. इसे सर्च क्वेरी भी कहते है.
  • Link Building – अपने ब्लॉग/वेबसाइट के लिए अन्य वेबसाइटों/ब्लोगों से लिंक प्राप्त करने की प्रक्रिया लिंक बिल्डिंग कहलाती है.
  • Long-tail Keywords – तीन से अधिक शब्दों को मिलाकर किसी जानकरी को सर्च करने वाले शब्द/शब्दांश लॉन्ग-टेल-कीवर्ड्स कहलाते हैं.
  • Meta Data – सर्च इंजनों को वेबसाइट/ब्लॉग की जानकारी देने वाला डेटा जो यूजर को सर्च रिजल्ट में दिखाई दे सकता है वास्तविक वेबपेज पर नहीं होता.
  • Navigation – वेबसाइट पर मौजूद जानकारी को यूजर के लिए ढूँढने में आसान बनाने के लिए लिंक्स लगाना नेविगेशन कहलाता है. जिसमें “साइट मेंनु” शामिल होती है.
  • NoFollow – जब किसी लिंक को rel=”nofollow” द्वारा मार्कअप किया जाता है तो वह लिंक Nofollow होती है.
  • Organic – बिना विज्ञापन सर्च इंजन रैंकिंग, ट्रैफ़िक आदि प्राप्त करना.
  • PA – यह स्कोर एक वेबपेज विशेष के लिए होता है. जो उस पेज की रैंकिंग को दर्शाता है.
  • Page Speed – यूजर के सामने आपके वेबपेज का पहला अर्थपूर्ण भाग का दिखाई देने में लगने वाला समय.
  • PageRank – गूगल एल्गोरिद्म प्रोग्राम का वह हिस्सा जो किसी वेबपेज का विश्लेष्ण उसे प्राप्त लिंक्स के जरिए करता है.
  • Pagination – वेबसाइट/ब्लॉग़ पर मौजूद कोंटेट को क्रमानुसार वेबपेजों में बांटना. जैसे; 1, 2, 3… अगली पोस्ट, पिछली पोस्ट आदि द्वारा यूजर्स को बताया जाता है.
  • Query – सर्च करने के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द/शब्दांश.
  • RankBrain – गूगल एल्गोरिद्म का मशीन लर्निंग सिस्टम जो रैंक को प्रबंधित करता है.
  • Ranking – किसी सर्च क्वेरी के जवाब में वेबपेजों का क्रम ही रैंकिंग कहलाता है.
  • Rendering – ब्राउजर द्वारा एक वेबपेज मे मौजूद कोंटेट को पढ़ना और उसे इंसानों के पढ़ने योग्य रूप में बदलने की प्रक्रिया रेंडरिंग कहलाती है.
  • Responsive Design – वेबसाइट/ब्लॉग़ का स्क्रीन साइज के अनुसार अपने डिजाइन को बदलना रेसपॉन्सिव डिजाइन कहलाता है. इस डिजाइन को गूगल द्वारा रिंकिंग फैक्टर भी माना गया है. तो आप अपने ब्लॉग़ को गूगल पर रैंक करवाना चाहते है तो ब्लॉग का डिजाइन रेस्पोंसिव बनाएं.
  • Rich Snippet – सर्च इंजनों द्वारा सर्च रिजल्ट पेज पर किसी यूआरएल का डेस्क्रिपशन और टाइटल का Preview दिखाना Snippet होता है. लेकिन, इस प्रव्यु में ग्राफिक, रैंकिंग तथा अन्य आइटम भी दिखाना इसे रिच बनाता है.
  • Robots.txt – वेबसाइट/ब्लॉग्स की एक फाइल जो सर्च इंजनों को बताती है आपकी साइट/ब्लॉग़ का कौनसा भाग क्रॉल करना है कौनसा नहीं.
  • Search Engine – इंटरनेट पर मौजूद जानकारी में से किसी शब्द विशेष से जुड़ी हुई जानकारी ढूँढ़ने के लिए इस्तेमाल प्रोग्राम्स सर्क इंजन कहलाते हैं. जैसे; गूगल, याहू, बिंग आदि.
  • Search Volume – किसी शब्द/शब्दांश को कितनी बार सर्च किया जाता है. यह स्कोर अमुमन महिने का दिखाया जाता है.
  • Seed Keywords – किसी सर्विस या उत्पाद का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किए गए प्राथमिक शब्द/शब्दांश.
  • SERP – सर्च करने पर आपके सामने जो वेबपेज दिखाई देता है उसे SERP कहते है. इसका पूरा नाम Search Engine Result Page होता है.
  • Title Tag – वेबपेज का वह शीर्षक जो सर्च इंजन परिणामों में यूजर्स को दिखाया जाता है. इसका उद्देश्य सर्च इंजन तथा यूजर्स को वेबपेज में उपलब्ध कोंटेंट का अंदाजा लगवाना होता है. ताकि वे दोनों इस वेबपेज को विजिट करें.
  • Traffic – किसी वेबसाइट/ब्लॉग़ पर यूजर्स की संख्या अथवा कुल विजिट्स की संख्या ट्रैफिक कहलाता है. यह पैड और ऑर्गेनिक हो सकता है.
  • URL – इसका पूरा नाम Uniform Resource Locator होता है जो वेब पर मौजूद किसी आइटम का एड्रेस होता है. यह आइतम एक शब्द भी हो सकता है और पूरी वेबसाइट भी हो सकती है.
  • Webmaster Guidelines – सर्च इंजनों द्वारा वेबसाइट्स/ब्लॉग्स मालिकों के लिए समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश जो बताते है आपको क्वालिटी कोंटेट कैसे तैयार करना है. ताकि उसे इंडेक्स किया जा सके, खोजा जा सके और जो सर्च करने पर रैंक हो सके.
  • White Hat – सर्च इंजनों के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए एसईओ करना ही व्हाइट हैट एसईओ कहलाता है.

सोर्स: – मोज.कॉम

आपने क्या सीखा?

इस लेख में हमने आपको SEO के बारे में पूरी जानकारी दी हैं. आपने जाना कि SEO क्या होता है, एसईओ क्यों जरूरी होता है, एसईओ के विभिन्न प्रकार क्या है?

साथ ही आपने एसईओ कैसे सीख सकते है, और एसईओ से संबंधित उपयोगी टर्म्स के अर्थ की जानकारी भी प्राप्त की है.

हमे उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा और आपके एसईओ ज्ञान को बढ़ाएगा. आप इस हमारी SEO Guide in Hindi को अपने ब्लॉगर दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें. ताकि उन्हे भी एसईओ की जानकारी लेने में आसानी रहें.

#BeDigital

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By TP Staff

लेखक: TP Staff

TP Staff, TutorialPandit की कम्प्यूटर और टेक्नोलॉजी पेशेवरों की टीम है, जिसका नेतृत्व जी पी गौतम द्वारा किया जाता है. TutorialPandit के माध्यम से भारत देश में हर साल लाखों लोग फ्री डिजिटल शिक्षा ग्रहण कर रहे है.

6 replies on “SEO क्या है कैसे सीखें और ब्लॉग़ के लिए क्यों जरुरी है हिंदी में जानकारी”

Sir अपने seo कैसे सीखे के बारे में अच्छी जनकरी दी

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