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Graphic Designing क्या है और एक ग्राफिक डिजाइनर बनने की हिंदी में जानकारी

आपके आसपास नजर फेरिए. चारो तरफ देखिए.

जो भी चीजें आप देख रहे है वे सभी आपको आकर्षक लग रही है. एक से बढ़कर एक नाम, रंग, डिजाइन, लोगो, ब्रांड नाम आदि दिख रहे होंगे.

इन चीजों में जो आकर्षण नजर आ रहा है. उन्हे आप जैसे इंसानों ने ही तैयार किया है.

यह सारा कार्य ग्राफिक डिजाइनिंग विषय में गिना जाता है.

तेजी से डिजिटल होती दुनिया में करियर भी डिजिटल होता जा रहा है. मतलब, बहुत सारे पुराने काम जो हाथों से होते थे वे तथा सैंकड़ों नए काम कम्प्यूटरीकृत मशीनों से होने लगे है.

इन्ही में ग्राफिक डिजाइनिंग का नाम भी शामिल है.

और इस लेख में मैं आपको ग़्राफिक डिजाइनिंग के बारे में पूरी जानकारी दें रहा हूँ. अध्ययन की सुविधा के लिए इस लेख को मैंने निम्न भागों में बांट दिया है.

Graphic Designing क्या है?

Graphic Designing विचारों तथा अनुभवों को विजुएल्स के माध्यम से प्रस्तुत करने की एक कला तथा प्रैक्टिस है. जिसमें विजुएल्स तथा टेकस्ट दोनों शामिल होते हैं.

ग्राफिक डिजाइनिंग की इस परिभाषा को “अमेरिकन इंस्टिट्यूट ऑफ ग्राफिक आर्ट्स (AIGA)” ने दिया है. और विकिपीडिया ने ग्राफिक डिजाइनिंग को इस प्रकार परिभाषित किया है.

“ग्राफिक डिजाइन टाइपोग्राफी, फोटोग्राफी, आइकनोग्राफी और चित्रण के उपयोग के माध्यम से दृश्य संचार और समस्या-समाधान की प्रक्रिया है.”

साधारण शब्दों में कहें तो विचारों, अनुभवों को विजुएल माध्यम से प्रस्तुत करने का कार्य ही ग्राफिक डिजाइनिंग कहलाता है.

जिसके अंतर्गत किसी जानकारी को लोगों तक पहुँचाने के लिए पिक्चर्स, शब्द, आइकन तथा सभी का मिश्रण से विशेष इफेक्ट्स तैयार किया जाता है. जिसमें उद्देश्य प्राप्ती भी शामिल रहती है.

इन परिभाषाओं का अध्ययन करने के बाद मालूम चल गया है कि ग्राफिक डिजाइनिंग शब्द में Graphic का मतलब Visual होता है. इसलिए, यह सारा खेल विजुएल्स का ही है.

और ये विजुएल कुछ भी हो सकता है. जिसमें कंपनीस लोगो से लेकर बिजनेस कार्ड और वेबसाइट से लेकर लेटर पैड तक शामिल है.

आज हमारी जिंदगी डिजिटल मीडिया के चारों तरफ घूम रही है. अब आप अपने मोबाइल फोन को ही ले लिजिए. आप रोजाना विभिन्न एप्स, वेबसाइट्स पर विजिट करते हैं. कुछ एप्स तथा वेबसाइट आपको पहली नजर में ही आकर्षित कर लेती है. इसके पीछे कारण होता है उसका लेआउट जिसे ग्राफिक डिजाइनर द्वारा तैयार किया जाता है.

ग्राफिक डिजाइनिंग में ग्राफिक्स बनाना ही मुख्य उद्देश्य होता है. तैयार की गई इन ग्राफिक्स का प्रिंटिंग में, वेबसाइट में तथा अन्य क्षेत्रों में खूब इस्तेमाल किया जाता है.

साथ में निजी क्षेत्र से लेकर बड़े-बड़े बिजनेस और सरकारों द्वारा अपने कार्यों, प्रोडक्ट्स को आम जन तक पहुँचाने के लिए होता है.

Graphic Designer कौन होता है – Who is Graphic Designer in Hindi?

ग्राफिक डिजाइन का काम करने वाला व्यक्ति ही ग्राफिक डिजाइनर कहलाता है.

 ग्राफिक डिजाइनर को विजुएल कम्युनिकेटर भी कहा जाता हैं. जो विजुएल कंसेप्ट्स बनाने के लिए हाथों या फिर किसी सिस्टम (कम्प्यूटर) पर सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करता हैं.

एक ग्राफिक डिजाइनर शब्द, फोटू, आइकन आदि का भौतिक रूप या फिर वर्चुएल आर्ट रूप तैयार करता हैं. जो अपने डिजाइन के माध्यम से विचारों को, किसी जानकारी को लोगों तक पहुँचाते हैं. एक जानकारी को या विचार को लोगों तक पहुँचाने के पीछे एक उद्देश्य होता है.

ग्राफिक डिजाइनर मुख के बजाए अपने डिजाइन से कम्यूनिकेट करता हैं.  

ग्राफिक डिजाइनर का मुख्ये उद्देश्य यही होता है कि जिस संस्था, कंपनी, व्यक्ति ने उसे हायर किया है. वह उन्हे बेहतरीन कार्य करके दें. ताकि संबंधित संस्था, कंपनी, व्यक्ति को उसका उद्देश्य प्राप्ती में सहुलियत मिले और कम से कम समय में संदेश आम जन तक पहुँच सके.

अत: हम कह सकते हैं कि एक ग्राफिक डिजाइन विजुएल थिंकिंग प्रॉब्लम सॉल्वर और एक कम्युनिकेटर होता है.

Graphic Designer बनने के लिए जरूरी कौशल – Skills Needed for a Graphic Designer in Hindi

Skills Needed for Graphic Designer in Hindi
साभार: द बैलेंस करियर

हर फील्ड की तरह ग्राफिक डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी कार्य करने के लिए कुछ मापदण्डों का पालन करना पड़ता है. जिनकी प्राप्ती हेतु विभिन्न कौशल चाहिए होते हैं.

इसलिए, आप इस फील्ड में करियर बनाना चाहते है तो आपको निम्न कौशलों में माहरती बनना पड़ता है.

  • सृजनात्मकता – Creativity
  • सॉफ़्टवेयर ज्ञान – Software Knowledge
  • समय का प्रबंधन – Time Management
  • विजुलाइजेशन – Visualization
  • संचार कौशल – Good Communication Skills
  • टीम भावना – Ability to Work with Detail
  • सूक्ष्मता से कार्य करने की कला – Ability to Work in Detail
  • विजुएल डिजाइन का हुनर – Skills in Visual Design
  • व्यवहार कौशल – Good Interpersonal Skills
  • समय-सीमा पर कार्य करना – Ability to Work in Strict Deadlines
  • टाइपोग्राफी की समझ – Understanding of Typography
  • कलर सिद्धांत की जानकारी – Knowledge of Color Theory

क्या आप जानते हैं?

सिस्को के अनुसार भारत में 2021 तक 800 मिलियन से भी अधिक इंटरनेट यूजर होंगे. इसका मतलब है आने वाले समय में कुशल ग्राफिक डिजाइनर, वेब डवलपर्स की मांग तेजी से बढ़ेगी.

Graphic Designing कैसे सीखें – How to Learn Graphic Designing in Hindi?

#1 ग्राफिक डिजाइन कोर्स करें

ग्राफिक डिजाइनिंग को लेकर इच्छुक विद्यार्थी 12वीं कक्षा पास करके किसी भी स्ट्रीम (विज्ञान, कला तथा वाणिज्य) से ग्राफिक डिजाइनिंग का कोर्स पर्सू (Pursue) कर सकते हैं.

इस कोर्स को करने के लिए किसी विशेष स्ट्रीम से पास होने की आवश्यकता नही हैं. इसलिए, कोई भी विद्यार्थी ग्राफिक डिजाइनिग में बेहतरीन करियर बनाकर डिजिटल लाइफ जी सकता हैं.

कुछ संस्थानों में ग्राफिक डिजाइन का कोर्स में एडमिशन लेने से पहले एंट्रेस टेस्ट भी देना पड़ता है.

ग्राफिक डिजाइन कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है – Syllabus of Graphic Designing Course in Hindi

यदि आप ग्राफिक डिजाइनिंग फील्ड में करियर बनाना चाहते है तो आपके दिमाग में यह प्रशन उठ सकता है कि ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स के दौरान सिलेबस में हमें क्या-क्या पढ़ाया जाता हैं?

तो बता दूँ युनिवर्सिटीज के हिसाब से ग्राफिक डिजाइन कोर्स का पाठ्यक्रम अलग-अलग होता है. लेकिन, सामान्यत: सभी कोर्से कुछ ग्राफिक डिजाइन बेसिक्स को जरूर कवर करते हैं. जिसकी जानकारी नीच दें रहा हूँ.

  • Introduction to Graphic Designing
  • Shaping, Design & Illustration
  • Typography
  • Graphic Designing Software & Tools
  • Image Layout & Effects
  • Photoshop
  • Corel Draw
  • Illustrator
  • InDesign
  • HTML & JavaScript
  • Adobe Dreamweaver
  • Adobe Flash
  • Adobe Audition
  • Computer Fundamentals
  • Art & Visual Perception
  • Vector Graphics for Designers
  • Graphic Designing Job Opportunity

ग्राफिक डिजाइनिंग का फील्ड जॉब के अवसरों से भरा पड़ा है. यदि आप एक कुशल ग्राफिक डिजाइनर हैं तो आपको विभिन्न प्रकार की फर्म में ग्राफिक डिजाइनिंग के लिए अच्छे पैकेज में जॉब ऑफ़र दिया जा सकता हैं. जिनका नाम नीचे हैं.

  • Printing & Publishing Houses (Newspaper & Magazines)
  • Advertising Agencies
  • Graphic Design Studios
  • Website Development Studios
  • eLearning Companies
  • Web Design Studios
  • Digital Marketing Agencies
  • Photo Stock Portals

#2 ग्राफिक डिजाइन की किताबें पढ़े

माना जाता है कि किताबें ज्ञान का खजाना होती है. इसलिए, आप भी ग्राफिक डिजाइन सीखनें के लिए किताबों का सहारा लें सकते हैं.

आज बाजार में एक से बढ़कर एक किताबें इस स्किल को सिखाने के लिए उपलब्ध है. आप लोकप्रिय और आपकी भाषा में उपलब्ध किताबें ऑनलाइन ऑर्डर देकर मंगवा सकते हैं.

#3 ऑनलाइन सीखें

आजकल ऑनलाइन शिक्षा का ट्रेंड जोरो से चल रहा है. इसलिए, आप भी बदलती दुनिया के साथ कदम ताल करें. नही तो पीछे रहने के बाद दुबार मौका नही मिलेगा.

उडेमी, कोर्सेरा, ईडीएक्स, स्किलशेयर, लिंक्डइन लर्निंग जैसे ऑनलाइन एजुकेशन पोर्टल्स से शॉर्ट-टर्म कोर्सेस से लेकर बड़े कोर्सेस में एडमिशन लेकर घर बैठ-बैठे ग्राफिक डिजाइन सीखं सकते हैं.

#4 यूट्यूब से सीखकर पैक्टिकल कार्य करें

इस साधारण मगर प्रभावकारी तकनीक का सहारा लेकर आप मुफ्त में ग्राफिक डिजाइनिंग सीख सकते हैं. आपको सैंकड़ों यूट्यूब चैनल मिल जाएंगे जो फ्री में ग्राफिक डिजाइनिंग सिखा रहे है.

इस तकनिक का उपयोग करने के लिए आप किसी संस्था, फ्रीलांसर या फिर एड एजेंसी को जॉइन  कर लें ताकि जो सीख रहे हैं उसका हाथो-हाथ प्रैक्टिकल होता रहे.

ग़्राफिक डिजाइनिंग से जुड़े कुछ सामान्य सवाल-जवाब – Common FAQs About Graphic Designing in Hindi?

सवाल: एक ग्राफिक डिजाइनर का क्या काम होता हैं?

जवाब: ग्राफिक डिजाइनर की भूमिका एक कंपनी में विजुएल कंसेप्ट्स को बनाने को लेकर होती है. इसका मुख्य उद्देश्य फर्म की आवश्यकताओं को पूरा करना होता है. जैसे; एडवर्टाइमिंग मैगजीन, वाउचर तैयार करना तथा एप्स, वेबसाइट के लिए लेआउट तैयार करना होता है.

सवाल: ग्राफिक डिजाइनिंग की मार्केट में कितनी डिमांड है?

जवाब: मार्केटिंग फील्ड में पैसा बढ़ चुका है. इसलिए, एक स्किल्ड डिजाइनर की मांग भी दिन पे दिन  बढ़ती जा रही है. चुंकि ग्राफिक डिजाइनर मोबाइल & वेब तकनीक से जुड़ा है. ये काफी अच्छा पैकेज पर काम कर रहे हैं. ग्राफिक डिजाइनिंग से जुड़े कुछ मुख्य काम इस प्रकार है:

  • Flash Animator
  • Layout Designer
  • UI Designer
  • Web Designer
  • Graphic Designer
  • DTP Operator

सवाल: क्या मुझे ग्राफिक डिजाइनिंग सीखने के लिए ड्रॉइंग में बेहतर होने की आवश्यकता है?

जवाब: इस डिजिटल युग में बतौर ग्राफिक डिजाइनर अधिकतर विजुएल कंसेप्ट्स को ड्रॉ करने के लिए Handmade Design की आवश्यकता नहीं पड़ती. आप किसी मशीन जैसे कम्प्यूटर पर ही ग्राफिक विजुएल्स को बनाते हैं.

इसके अलावा कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स & सेवाओं को प्रमोट करने के लिए जिस प्रकार की ग्राफिक्स की जरूरत होती हैं. वह ग्राफिक डिजाइनर को सौंप देती हैं. इसलिए, ड्रॉइंग का बेसिक ज्ञान होना हमेशा फायदेंमंद और जरुरत का सौदा है.

सवाल: ग्राफिक डिजाइनिंग की फील्ड में जॉब कैसे मिलती है?

जवाब: ग्राफिक डिजाइनिंग के कोर्स को कर लेने के बाद यदि आप इस फील्ड में नौकरी पाना चाहते हैं तो आपको अन्य जॉब्स की तरह किसी ऑर्गनाइजेशन में इंटरव्यू देन पड़ेगा. साथ ही इंटरव्यू में चयन हो सके इसके लिए पहले से ही ग्राफिक डिजाइनिंग की पैक्टिस करना अकलमंदी होगी.

और अपना पोर्टॅफोलियो बनाकर रखें. इससे कंपनी को आपका कार्य समझते हुए नौकरी का अच्छा पैकेज देने में सुविधा रहती हैं.

सवाल: क्या बिना जॉब ग्राफिक डिजाइनिंग से पैसा कमाया जा सकता हैं?

जवाब: जी हां. आप बतौर फ्रीलांसर जॉब करके बिना नौकरी करें खूब पैसा कमा सकते हैं. यदि आप बॉस फ्री लाइफ जीना चाहते है और अपने मन मुताबिक आवश्यकता पड़ने पर छुट्टी पाना चाहते हैं. तो आप फ्रीलांसिंग कर सकते हैं.

कई सारी फ्रीलांसिंग जॉब मार्केटप्लैसेस जैसे Fiverr, Upwork मौजूद है. जहां आप अपनी प्रोफाइल बनाकर लोगों के लिए उपलब्ध रह सकते हैं. यहां पर आप प्रति प्रोजेक्ट रेट अनुसार क्लाइंट्स को चार्ज कर सकते हैं. अनुभव और पहचान के आधार पर दामों में वृद्धि संभव होती है.

सवाल: क्या बिना डिग्री भी ग्राफ्क डिजाइनिंग कोर्स किया जा सकता हैं?

जवाब: ग्राफिक डिजाइनिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो आपको ग्राफिक डिजाइनिंग में डिग्री कोर्स करना एक बेहतरीन तरीका है. लेकिन, आप बतौर फ्रीलांसर काम करना चाहते है तो आप ऑनलाइन सीखकर काम की शुरुआत कर सकते हैं.

Elements of Graphics Designing in Hindi

जब भी एक पिक्चर को डिजाइन किया जाता है, तो उस विजुएल में कुछ एलिमेंट्स का इस्तेमाल होता है और ग्राफिक डिजाइनिंग में प्रयुक्त होने वाले कुछ मुख्य एलिमेंट्स निम्नलिखित हैं.

  • Line – किसी भी डिजाइन का सबसे बेसिक एलिमेंट लाइन हैं. यह लाइन सीधी, कर्वड, डाइमेंशल, थ्री  डाइमेंशनल हो सकती है.
  • Shape – इसका अर्थ होता है आकृति. यह 2D एरिया होता है जिसे लाइन्स की मदद से क्रिएट किया जा सकता है. किसी डिजाइन में विभिन्न प्रकार की आकृति, जैसे; Geometric, Abstract, Organic Shapes आदि काम में ली जाती हैं.
  • Color – अब किसी भी डिजाइन में कलर एक महत्वपूर्ण तत्व होता है जिस पर सबसे अधिक ध्यान जाता है. कलर की फैमिली क्या है, कलर कितना डार्क होना चाहिए और उसकी क्वलिटी क्या होनी चाहिए? आदि बातों का ध्यान रखना एक ग्राफिक डिजाइनर का काम होता हैं.
  • Typography – टेक्स्ट को अरेंज करना की कला ही टाइपोग्राफी है. किसी भी डिजाइन को संदेश में परिवर्तित करने का काम टाइपोग्राफी करती है. किसी भी डिजाइन में जब टेक्स्ट जोड़ दिया जाता है तो बोल्ड, इटालिक टेक्स्ट को सही यूज करना साथ में कलर, स्पेसिंग का ध्यान रखना भी शामिल है.
  • Size – डिजाइनिंग मे साइज बेहद मैटर करता हैं. इसलिए, जब डिजाइन में आकार का इस्तेमाल किया जाता है तो उसमें टेक्स्ट आदि का साइज बेहद मैटर करता हैं. जिससे वह डिजाइन अच्छा लगे.
  • Space – स्पेस का अर्थ है कि जो डिजाइन तैयार किया गया है उसमें स्पेस कितना बचा हैं? क्योंकि जब एक डिजाइन तैयार होता है तो टेक्स्ट, इमेज के बीच का स्पेस महत्वपूर्ण होता हैं. एक ग्राफिक डिजाइनर स्पेस एलिल्मेंट की खूबियों को भलीभांति समझता है.
  • Texture – किसी डिजाइन में टेक्स्ट एक विजुएल थिंग होती है. यह किसी ऑब्जेक्ट के सर्फेस की ट्क्सटाइल क्वालिटी के रूप में जाना जाता है. किसी डिजाइन में टेक्सचर को देखने के बाद यह मनुष्य के दिमाग में सीधे सेंस को टच करता है. जिससे इमेज को देख कर एक इंसान उसे पसंद या नापसंद करता हैं.

आपने क्या सीखा?

इस लेख में मैंने आपको ग्राफिक डिजाइनिंग के बारे में पूरी जानकारी दी हैं. साथ में आपने यह भी जाना है कि ग्राफिक डिजाइनर कैसे बनते हैं?

इसके अलावा ग्राफिक डिजाइनर बनने के लिए आवश्यक पढ़ाई, कोर्स और स्किल्स भी जानी है. मुझे उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा.

इस लेख को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें ताकि उन्हे भी ग्राफिक डिजाइनिंग तथा ग्राफिक डिजाइनिंग में करियर की बेहतर जानकारी मिल पाएं.

#BeDigital

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By GP Gautam

लेखक: GP Gautam

GP Gautam is a writer, trainer and speaker. Works as Editor-in-Chief at TutorialPandit.com since 2016. He is well-known and appreciated for his simplicity in his writing. You can connect with him at https://gpgautam.com. He is always ready to help others. You can also follow him on Social Media:
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