Categories
Articles Career

Software Engineer कैसे बने इसकी योग्यता सैलेरी फायदे-नुकसान के बारे में हिंदी में जानकारी

कम्प्यूटर आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है और अक्सर आपके अंदर कम्प्यूटर सॉफ़्टवेयर की Designing & Testing को लेकर जिज्ञासा रहती है तो Software Engineer बन कर आप अपने पैशन को करियर में तब्दील कर सकते हैं.

आज हम आपको इस पोस्ट में बताने वाले हैं कि कम्प्यूटर इंजीनियर कैसे बने? इसके लिए कौन-कौन सी आवश्यक योग्यताएं चाहिए और इस क्षेत्र में करियर की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे.

जीवन के सभी क्षेत्रों में आज कम्प्यूटर देखा जा सकता है, जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि भविष्य में कम्प्यूटर यूजर्स की संख्या में निश्चित तौर पर बढ़ोतरी होगी.

जिससे कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर पर लोगों की निर्भरता बढ़ती जाएगी. तो आप बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं देकर इस क्षेत्र में अपना अच्छा नाम बना सकते हैं तो आइए सबसे पहले हम जानते हैं.

Software Engineer कौन होता है?

Software Engineer वे पेशेवर होते हैं जिनका काम एक सॉफ्टवेयर को डिजाइन करने, टेस्टिंग करने एवं उसके रखरखाव से लेकर उसके डवलपमेंट तक होता है. यह काम फ्रीलांसर और नौकरी के रूप में किया जा सकता है. तथा खुद की सॉफ्टवेयर डवलपमेंट कंपनी बनाकर भी शुरुआत की जा सकती है. .

इस काम में गणित, कम्प्यूटर साइंस तथा इंजीनियरिंग के सिद्धांतों का प्रयोग करके किसी भी सॉफ्टवेयर को Design & Create किया जा सकता है.

साथ ही इन पेशेवर का कार्य किसी बिजनेस सॉफ्टवेयर को या फिर व्यक्तिगत उपयोग के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले सॉफ्टवेयर को मैनेज करना भी होता है.

यह एक टेक्निकल क्षेत्र है, जिसमें करियर बनाकर अपनी सेवाएं देने हेतु व्यक्ति को डिग्री की आवश्यकता होती है.

Software Engineer के कार्य – What are the works of a Software Engineer?

किसी कंपनी या संस्था के लिए कार्य करते हुए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कार्य वीडियो गेम्स बनाना, इंटरनेट एप्लीकेशन तैयार करना या फिर Computer Network की टेस्टिंग करना तथा उन्हें संचालित करना हो सकता है.

इसके अलावा किसी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग करने तथा उन्हें मैनेज करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है. आइए जानते हैं किन-किन कार्यों के लिए कंपनी द्वारा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को हायर किया जाता है.

जॉब के आधार पर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के कार्य-

Web Developer: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर  किसी कंपनी, बिजनेस में वेब डवलपमेंट की सेवा दे सकता है. जिसके लिए वेब डवलपर द्वारा Java, PHP, Python, Angular, C, C++, C#  इत्यादि प्रोग्रामिंग भाषाओं का इस्तेमाल किया जाता है. जिससे वह वेबसाइट को डवलप करने या फिर वेबसाइट्स में नए फीचर्स जोड़ने का कार्य करता है.

Business Information Analyst: कंपनियां सॉफ्टवेयर इंजीनियर को बतौर विश्लेषक के तौर पर रख सकती हैं.  ताकि बिजनेस में किसी समस्या को सुलझाने के लिए या फिर नए-नए आइडियाज पाने के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर सॉफ्टवेयरों तथा कम्प्यूटर सिस्टम से प्राप्त डेटा का उपयोग रिसर्च तथा प्लानिंग के लिए कर सके.

Information Security Analyst: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की क्षमता को देखते हुए उन्हें कंपनी के डेटा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपते हुए Security Audits को परफॉर्म करने के लिए, जोखिम में कमी लाने के लिए बतौर सुरक्षा विश्लेषक काम सौंपा जा सकता है.

Database Adminitstrator: कंपनियों के डेटाबेस को मैनेज करने या फिर डेटा के स्ट्रक्चर में बदलाव करने और उसका बैकअप तैयार करने की भी जिम्मेदारी दी जा सकती है. अगर सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डेटाबेस लैंगुएज्स का ज्ञान हो तो बतौर डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर सेवाएं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा दी जा सकती हैं.

Computer System Analyst: हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की गहरी जानकारी रखते हुए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर किसी कंपनी या बिजनेस में अपने संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग करने में मदद कर सकते है.  इसलिए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर Technical Infrastructure की जरूरत को देखते हुए कम्प्यूटिंग में रिसर्च, डिजाइन और इंस्टालेशन का कार्य कर सकते है.

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने – How to Become a Software Engineer?

Software Engineer Kaise Bane

भविष्य में पेशेवर सॉफ़्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए नीचे दिए गए मापदंडों को पूरा करना अनिवार्य होता है.

  • आपका किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से साइंस सब्जेक्ट (PCM) के साथ 12 वीं पास होना जरूरी है.
  • Software Engineering में डिग्री, डिप्लोमा के लिए B.Tech/B.E में दाखिले के लिए 12वीं में कम से कम 55% मार्क्स होने चाहिए.
  • Software Engineering में M.Tech करने के लिए आपके पास ग्रेजुएशन लेवल के पासिंग सर्टिफिकेट के साथ मिनिमम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए.
  • साथ ही डिग्री या डिप्लोमा हेतु के लिए आवश्यक एंट्रेंस एग्जाम में भी पास होना अनिवार्य है

एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर की भविष्य में संभावनाएं

रोजगार की दृष्टि से इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं दिखाई देती है. क्योंकि, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग IT इंडस्ट्री का ही भाग है और बतौर  सॉफ्टवेयर इंजीनियर किसी कंपनी में व्यक्ति का रोल नए सॉफ़्टवेयर डवलप करने या फिर पुराने सॉफ्टवेयर में आवश्यकता के मुताबिक बदलाव करने एवं कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर कि मेंटेनेंस का हो सकता है.

कम्प्यूटर सिस्टम के बढ़ते उपयोग का लाभ भी एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर के लिए इस दौर में बेहद लाभदाई है. जिस वजह से वह एक बैंक से लेकर Startups में अपनी सेवाएं दे सकता है.

नीचे कुछ प्रमुख क्षेत्रों के नाम दिए गए हैं जहां पर बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं दी जा सकती हैं.

  • IT Companies
  • Non-IT Companies
  • Start-Ups
  • Insurance
  • Finance
  • Banking
  • MNCs

यही नहीं जॉब पाने के साथ-साथ एक स्किल्ड सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं सेल्फ एंपलोय के तौर पर भी दे सकता है. इंटरनेट के बढ़ते चलन की वजह से कई सारी फ्रीलांसिंग वेबसाइट्स हैं. जहां पर अपने कार्यों के लिए कंपनियां सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को अच्छा खासा भुगतान करती हैं. तो इस प्रकार बतौर फ्रीलांसर भी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं लोगों को दे सकता है.

Software Engineer की सैलेरी

कार्य क्षेत्र में बढ़ते अनुभव और स्किल्स के आधार पर इस क्षेत्र में सैलरी निर्धारित की जाती है. सामान्यतः एक फ्रेशर सॉफ्टवेयर इंजीनियर का सालाना सैलरी पैकेज साढे तीन लाख तक का होता है.

Mid-Range के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तनख्वाह  6,50,000 तक होती है. वहीं इस क्षेत्र में 10 साल का अनुभव रखने वाले पेशेवरों को काफी अच्छा पैकेज होता है.

ध्यान दें:- यहां सॉफ्टवेयर इंजीनियर की अनुमानित सालाना आय दी गई है. कंपनियों तथा कार्य अनुभव के आधार पर यह सैलरी भिन्न हो सकती है.

Software Engineer की भर्ती करने वाली प्रमुख कंपनियां

  • HCL Technologies
  • MindTree
  • Juniper Networks
  • Microsoft
  • Adobe
  • Hexaware Technologies Limited (HTL)
  • Cisco
  • Intel
  • International Business Machine (IBM)
  • Apple
  • Infosys

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की विशेषताएं – Characteristics of a Software Engineer?  

अच्छे सॉफ्टवेयर इंजीनियर में कुछ गुण पाए जाते हैं, जो कि निम्नलिखित हैं.

  • एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को इस तरह एक्ट करना चाहिए जिससे ग्राहक के साथ-साथ कर्मचारी का भी फायदा हो.
  • सॉफ्टवेयर डवलप करने तथा उसके रखरखाव हेतु उन्हें प्रमोट करने एवं अप्रोच करने की क्षमता सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पास होनी चाहिए.
  • एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर का स्वभाव  सहायक होना चाहिए, विशेषकर टीम वर्क की  योग्यता होनी चाहिए.

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लाभ

  • बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनीयर अपनी सेवाएं किसी भी मल्टीनेशनल कंपनी को देने के साथ-साथ फ्रीलांसर के तौर पर भी आपके पास काम करने का मौका होता है.
  • कई सारे अनुभवी तथा कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनीयरों के पास भारत ही नहीं बल्कि विदेश में जॉब के अवसर होते है.
  • कमाई के लिहाज से देखा जाए तो सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एक अच्छा करियर माना जाता है. जहां पेशेवरों को अच्छा सैलरी पैकेज मिलता है, रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले समय में इस क्षेत्र में जॉब की वृद्धि दर बढ़ने वाली है.
  •  तो एक सॉफ्टवेयर को मिलने वाले इन फायदों के साथ-साथ एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन कर चुनौतियों का सामना करना आसान काम नहीं होता. आपको हमेशा Technology से जुड़े रहकर Updated होना बेहद जरूरी होता है.
  • साथ ही सही समय पर काम पूरा करने के दबाव के चलते सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कार्य कई बार तनावपूर्ण हो जाता है.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर और सॉफ्टवेयर डवलपर के बीच अंतर – Difference between Software Engineer and Software Developer in Hindi?

  • इन दोनों के बीच का एक मुख्य अंतर यह है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर सॉफ्टवेयर बनाने के लिए टूल्स को डवलप करते हैं. वही सॉफ्टवेयर डवलपर उनके द्वारा बनाये गए टूल्स की मदद से किसी सॉफ्टवेयर को विकसित करते हैं.
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर बड़े स्तर पर कार्य करने की क्षमता रखते हैं, सॉफ्टवेयर डवलपर के कार्यों को सॉफ्टवेयर इंजीनियर कर सकते हैं. लेकिन, इसकी तुलना में सॉफ्टवेयर डवलपर का कार्यक्षेत्र बहुत सीमित होता है.
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर आमतौर पर टीम वर्क करते हैं,  जबकि सॉफ्टवेयर डवलपेमेंट  का कार्य एक व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है.
  • एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कम्प्यूटर के हार्डवेयर कॉम्पोनेंट्स का ज्ञान होता है. इसलिए वे उन कॉम्पोनेंट के साथ काम करते हैं वहीं दूसरी तरफ सॉफ्टवेयर डवलपर किसी एप्लिकेशन प्रोग्राम को बनाने की क्षमता रखते हैं.

आपने क्या सीखा?

इस लेख में हमने आपको सॉफ़्टवेयर इंजीनियर के बारे में पूरी जानकारी दी है. आपने जाना कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर कौन होता है, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्या-क्या कार्य करता है?

साथ ही आपने जाना कि सॉफ़्टवेयर इंजीनियर कैसे बनते हैं, इसके लिए शैक्षणिक योग्यताएं कितनी चाहिए?

हमे उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा और आपको पसंद आएगा.

#BeDigital

लेखक:- मैं मोहित नेगी ट्यूटोरियल पंडित ब्लॉग का लेखक हूं! इस ब्लॉग पर मै पाठकों के लिए नियमित रूप से उपयोगी पोस्ट शेयर करता हूँ. यदि आप ऑनलाइन पैसे कमाने से जुड़ी नई-नई जानकारियां पाना चाहते हैं तो आप हमारे ब्लॉग HindimeAao को विजिट कर सकते है.

लेख आपको पसंद आया?
👍👎

By TP Staff

लेखक: TP Staff

TP Staff, TutorialPandit की कम्प्यूटर और टेक्नोलॉजी पेशेवरों की टीम है, जिसका नेतृत्व जी पी गौतम द्वारा किया जाता है. TutorialPandit के माध्यम से भारत देश में हर साल लाखों लोग फ्री डिजिटल शिक्षा ग्रहण कर रहे है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *