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Cyber Security क्या होती है और खुद को साइबर क्राइम से कैसे बचाएं हिंदी में जानकारी

इस डिजिटल दुनिया में खुद को सिर्फ बाहरी आक्रमणों से बचाना ही काफी नही है. हमारा महत्वपूर्ण डेटा हमारे मोबाइल एवं लैपटॉप में, जिसमें हमारी निजी जानकारियों से लेकर फाइनेंस डिटेल्स तक शामिल हैं, सेव रहता है.

जरा सोचिए किसी अपराधी के हाथों में यह संवेदनशील जानकारी पहुँच जाए तो क्या होगा? आपको पता भी नहीं चलेगा और बैंक अकाउंट खाली.

जहां एक और डिजिटल तकनीक ने हमारी लाइफ को आसान बनाया है वहीं इसकी निर्भरता ने मनुष्यों के लिए नए अपराध को भी जन्म दिया है. जिसे साइबर क्राइम कहा जाता है.

साइबर क्राइम से बचाव का एक मात्र उपाय है Cyber Security, जो आपको इंटरनेट अपराधों से सुरक्षित रखने का कार्य करती है.

लेकिन, क्या है साइबर सेक्युरिटी? इसी विषय पर इस लेख में विस्तार से जानकारी साझा की गई है. सुविधा के लिए इस लेख को निम्न भागों में बांट दिया है.

साइबर सेक्युरिटी क्या है?

साइबर सेक्युरिटी उन उपायों का सामुहिक नाम है जो कम्प्यूटर, नेटवर्क, डिजिटल डिवाइस, डेटा को चोरी, नुकसान तथा अनचाहे एक्सेस से बचाने के लिए किए जाते हैं. इसे कम्प्यूटर सेक्युरिटी, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्युरिटी, डिजिटल सेक्युरिटी के नाम से भी जानते हैं.

What is Cyber Security in Hindi?

अगर, साइबर सेक्युरिटी की परिभाषा को और पेशेवर करें तो कुछ इस प्रकार हो सकती है,

“साइबर खतरों से डिजिटल डिवाइस तथा डेटा का बचाव के उपाए ही साइबर सेक्युरिटी है.”

यह आपके महत्वपूर्ण डेटा और साइबर अपराधियों के बीच एक कवच का काम करती है. प्रतिदिन साइबर क्राइम के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. अपराधी रोजाना नए-नए मेथड जैसे सोशल इंजिनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से अपने गलत कारनामों को अंजाम देने कि फिराक में रहते हैं.

यही वजह है कि आज सभी क्षेत्रों (स्कूल, बैंक, हॉस्पिटल) मे साइबर बचाव हेतु साइबर सेक्युरिटी पर बड़ी संख्या में निवेश किया जाता है.

इंटरनेट की व्यापक्ता के कारण सेक्युरिटी टर्म कई टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ जाती है. जैसे; इंफॉर्मेशन सेक्युरिटी, नेटवर्क सेक्युरिटी, एप्लिकेशन सेक्युरिटी आदि.

लेकिन, खुशी की बात यह कि समय रहते जरूरी उपायों की जानकारी करके अधिकतर संभावित साइबर खतरों से बचा जा सकता है.

साइबर सेक्युरिटी की जरूरत क्यों – Needs of Cyber Security in Hindi?

क्या आप जानते हैं हर साल साइबर क्राइम का अनुपात बड़ी तेजी से बढ़ता जा रहा है. और लाखों नही बल्कि अरबों की संख्या में पैसों की हानि, कंपनी डेटा का गलत उपयोग साइबर क्राइम की वजह से होता है.

और हां कंपनी ही नही बल्कि व्यक्तिगत रुप से भी अपराधी आम लोगों का डेटा प्राप्त करने के लिए पर्सनल अटैक करते हैं.

अगर, आसपास नजर दौड़ाए तो हम पाते है इंटरनेट ने हमे घेर रखा है. हमारे हाथों में स्मार्टफोन, मेज पर कम्प्यूटर, दीवार पर स्मार्ट टीवी लगा है और भी ना जाने कितने डिजिटल डिवाइस है जो इंटरनेट से जुड़े हुए है जिनका इस्तेमाल हम रोजाना करते हैं.

जितना ज्यादा हम इंटरनेट पर निर्भर होते जाएंगे, साइबर सेक्युरिटी का महत्व भी उतना ही बढ़ता जाएगा. इसलिए, साइबर सेक्युरिटी आज की प्राथमिक जरूरत बनती जा रही है.

यह डिजिटल दुनिया में डिजिटल गार्ड्स की तरह काम करती है. जिन्हे इसकी जानकारी होगी वे इस गार्ड का इस्तेमाल कर लेंगे और जो जानकारी से वंचित रह जाएगे वे साइबर क्राइम का शिकार होंगे.

खुद को साइबर अटैक से कैसे बचाएं – How to stay save from Cyber Attacks in Hindi?

How to save yourself from cyber threats in hindi?

इंटरनेट से संबंधित किसी भी गैजेट का जब आप इस्तेमाल करते हैं तो आपको शुरुआत से ही सावधान होना जरूरी हो जाता है. हम यहां कुछ जरूरी उपायों की जानकारी दे रहे हैं जिनकी सहायता से आप साइबर अटैक से खुद को काफी हद तक बचा सकते हैं.

#1 ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट करें

अधिकतर डिजिटल डिवाइस हार्डवेयर से काम करवाने के लिए एक सॉफ्टॅवेयर पर निर्भर रहते हैं. इसी सॉफ्टवेयर को ऑपरेटिंग सिस्टम कहते हैं. जैसे कम्प्यूटर में विंडोज, मेक ओएस, लिनक्स, उबंतु आदि लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम है. और मोबाइल डिवाइसों में एंड्रॉइड, आइओएस इस्तेमाल होता है.

सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ओएस निर्माता समय-समय पर नए फीचर्स तथा टूल्स जोड़ते रहते हैं. जिन्हे आप अपडेट करके फ्री प्राप्त कर पाते हैं. इसलिए, अपने डिवाइसों की सुरक्षा के लिए ओएस को अप-टू-डेट रखें.

#2 एंटीवायरस उपयोग करें

Use Antivirus Program

किसी सॉफ़्टवेयर को अपने कम्प्यूटर में इंस्टॉल करने या किसी फाइल को डाउनलोड करने जैसे अनेक तरीकों से वायरस आपके डिवाइस में एंट्री कर सकते हैं.

इन वायरसों को रोकना एक चुनौती का कार्य है. क्योंकि, हम इन्हे आंखों से देख नहीं सकते हैं. और ना ही पता होता है कि यहां से वायरस आ सकता है.

इसलिए, इस कार्य में सहायता करते हैं एंटीवायरस प्रोग्राम. जो आपके डिवाइस को रेगुलर चैक करता रहता है कि कोई वायरस या अनचाहा प्रोग्राम तो डिवाइस में नही आ गया है.

जब आप इंटरनेट पर किसी वेबसाइट को चलाते है तब उस वेबसाइट के बारे में आपको सावधान करते हैं कि यह साइट सुरक्षित नहीं है.

#3 मजबूत पासवर्ड चुने

अक्सर हम सबसे बड़ी भूल तभी कर देते हैं जब हम एक आसान पासवर्ड सेट करते हैं. जिससे किसी के लिए भी हमारे डिवाइस, सोशल मीडिया अकाउंट्स तक पहुँचना आसान हो जाता है. इसलिए, ऐसा पासवर्ड सेट करें जिसका किसी को अंदाजा भी ना हो पाए.

मजबूत और सुरक्षित पासवर्ड बनाने के बारे में अधिक जानकारी आप इस ट्युटोरियल से ले सकते हैं.

इसे पढ़ेएक मजबूत और सुरक्षित पासवर्ड कैसे बनाते है?

#4 अंजान ईमेल अटैचमेंट्स ओपन ना करें

चिट्ठी के दिन लद गए है. क्योंकि, इलेक्ट्रॉनिक संदेश का जमाना है. इन्ही इलेक्ट्रॉनिक संदेशों के साथ खतरे भी आ जाते हैं. जिनसे खुद को बचाना बेहद जरूरी है.

अक्सर, अंजान लोगो द्वारा हमारे इंबॉक्स में उपयोगी सॉफ़्टवेयर, फाइल के नाम पर कुछ ऐसे वायरस या मेलवेयर सेंड कर दिए जाते हैं, जिनको ओपन करते ही कम्प्यूटर संक्रमित हो सकता है.

इसलिए, कभी भी अंजान ईमेल एड्रेस के साथ आए अटैचमेंट्स ओपन ना करें और ऐसे ईमेल तुरंत डिजिट भी कर दें.

#5 सार्वजनिक वाई-फाई से बचे

हैकर्स की नजरें सबसे अधिक पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क्स पर होती हैं. क्योंकि, सबसे अधिक लोग इनका इस्तेमाल करते हैं. इसलिए, ऐसे असुरक्षित नेटवर्क के बजाए आप खुद का प्राइवेट नेटवर्क इस्तेमाल करें तो बेहतर है.

साइबर सेक्युरिटी के प्रकार – Types of Cyber Security in Hindi?

#1 एप्लिकेशन सेक्युरिटी

जब बात होती है साइबर सेक्युरिटी की तो एप्लिकेशन सेक्युरिटी को नही भूलना चाहिए. खासकर, यदि आप अपना मोबाइल, लैपटॉप पर इंटरनेट का इस्तेमाल अधिक करते हैं तो आपका डेटा किसी हैकर्स या थर्ड पार्टी कंपनी के हाथो में अवैध रूप से ना लगे इसका ध्यान रखना जरूरी हो जाता है.

एप्लिकेशन सेक्युरिटी के अंतर्गत मुख्यत: तीन चीजे आती हैं.

एंटीवयरस प्रोग्राम: वायरस, मेलवेयर से अपना डेटा तथा सिस्टम को बचाने हेतु एंटीवायरस प्रोग्राम बहुत ही कारगार साबित होते हैं. इसलिए, अपने डिवाइस में एक एंटीवायरस प्रोग्राम जरूर इंस्टॉल करें.

फायरवाल: हैकर्स तथा आपके कम्प्यूटर के बीच दीवार का काम करते हैं फायरवॉल. इसलिए, किसी भी कम्प्यूटर डिवाइस में फायरवॉल की सेक्युरिटी जरूरी हो जाती है. यही वजह है कि फायरवॉल सेक्युरिटी आजकल कंपनियां Pre-Installed देती हैं. आपका फायरवॉल सही तरह काम कर रहा है या नही यह जरूर जांच लें.

इनक्रिप्टेड प्रोग्राम्स: आप किसी भी अंजान और अविश्वसनीय वेबसाइट से सीधे प्रोग्राम डाउनलोड करके अपने डिवाइस को रिस्क में नहीं डाल सकते हैं. बल्कि, आपको उन्ही सोर्स से सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम इंस्टॉल करने चाहिए जो लोकप्रिय, असल और प्रमाणिक हों.

#2 नेटवर्क सेक्युरिटी

नेटवर्क सेक्युरिटी काफी अहम हो जाती है. विशेषकर किसी संस्था या कंपनी के लिए जहां पर कम्प्यूटर वायरस या वायरलेस जुड़े रहते हैं. साइबर अपराधियों द्वारा नेटवर्क के जरिए कम्प्यूटर में मेलवेयर, ट्रोजन के हमलों से कम्प्यूटर डेटा प्राप्त करने की जो कोशिशे की जाती हैं. उन्हे नेटवर्क सेक्युरिटी अवरुद्ध करने का कार्य करती हैं.

अत: नेटवर्क सेक्युरिटी को मैनेज करने के लिए आज सेक्युरिटी टीम्स ट्रैफिक को मॉनिटर कर रही हैं और कमियां पाए जाने पर उनकी सूचना रीयल टाइम में दे रही हैं. ताकि किसी भी तरह से हैकर्स को नेटवर्क में अनाधिकृत उपयोग से रोकने या नेटवर्क के मोडिफिकेशन से रोका जा सके.

नेटवर्क सेक्युरिटी करने के कुछ जरूरी उपाए

नया पासवर्ड: नेटवर्क की सुरक्षा हेतु समय-समय पर पासवर्ड को बदलना जरूरी है. इससे पासवर्ड ब्रेक करना काफी कठिन हो जाता है.

टू फेक्टर ऑथेंटिकेशन: किसी भी यूजर के लॉगिन को प्रमाणित करने के लिए पासवर्ड एक मात्र जरिया है. लेकिन, इसे और मजबूती देने के लिए टू फेक्टर ऑथेंटिकेशन जोड़ा गया है. जो यूजर के मोबाइल नंबर या ईमेल के जरिए प्रमाणन कोड भेजकर प्रमाणित करता है.

#3 क्लाउड सेक्युरिटी

वेबसाइट मालिक से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियां अपना डेटा स्टोर करने के लिए आजकर क्लाउड सर्विस का इस्तेमाल करती हैं तो ऐसे में इसकी सेक्युरिटी का मुद्दा भी अहम हो जाता है.

क्लाउड रिसोर्सेज प्रदान करने वाली कंपनियां अक्सर नए-नए सेक्युरिटी टूल्स को टेस्ट करती रहती हैं. ताकि किसी भी एंटरप्राइज, कंपनी के डेटा को हैकर्स द्वारा एक्सेस ना किया जा सके.

हालांकि कई लोगों के बीच यह भी भ्रम है कि फिजिकल सरवर कि तुलना में क्लाउड पर स्टोर किया गया डेटा अधिक रिस्की होता है. लेकिन, ऐसा नहीं है क्लाउड सर्विसेस भी काफी सेक्योर होती हैं.

संक्षेप में कहा जाए तो इंटरनेट से जुड़े किसी भी डिवाइस या फिर एप्लिकेशन का जब हम इस्तेमाल करते हैं तो उसका सेक्योर होना बेहद आवश्यक हो जाता है. यदि आप किसी वायरस इंफेक्टेड ब्राउजर का इस्तेमाल करके इंटरनेट चलाते हैं तो आपका पूरा डिवाइस और डेटा खतरे में पड़ जाता है. और Cyber Security का उद्देश्य जानकारी पहुँचाकर आपको ऐसे ही खतरों से बचाना है.

साइबर सेक्युरिटी एक्सपर्ट कैसे बने – How to become a Cyber Security in Hindi?

वे लोग जो स्वयं को, कंपनियों एवं संस्थाओं को साइबर क्राइम से सुरक्षित करते हैं, उन्हे साइबर सेक्युरिटी एक्सपर्ट कहा जाता है. अगर, आपके अंदर भी वह इच्छा है कि मैं साइबर क्राइम के खिलाप लड़ाई में सरकार का, अपने देशवासियों का साथ दे सकुं तो आप साइबर सेक्युरिटी एक्सपर्ट बन सकते हैं.

इससे पहले कि हम साइबर सेक्युरिटी एक्सपर्ट बनने के लिए जरूरी शैक्षिक योग्यताओं के बारे में जाने. पहले समझते है कि एक साइबर सेक्युरिटी एक्सपर्ट कि क्या-क्या जिम्मेदारियं होती हैं?

एक साइबर सेक्युरिटी एक्सपर्ट की जिम्मेदारियां

  • साइबर क्राइम होने की स्थिति में अपराधियों का पता लगाकर संबंधित संस्था (जैसे पुलिस) को इसकी जानकारी देना.
  • हैकर्स के काम करने के तरीके, उनके बारे में जानकारी होना. ताकि उनके द्वारा किए गए हमलों से खुद का बचाव पहले ही करने की तैयारी की जा सके.
  • किसी कंपनी या संस्था में कार्यरत होने के दौरान IT Infrastructure की सुरक्षा का सबसे अच्छा तरीका खोजना.
  • उस संगठन के हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर एवं नेटवर्क में आने वाली कमियों का पता लगाकर उचित समाधान खोजना.
  • साइबर क्राइम पर लगातार निगरानी रखकर घुसपैठियों को रोकना.

वे स्टुडेंट्स जिनका बचपन से ही कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी में रुचि होती हैं वे साइबर सेक्युरिटी के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोचते हैं. अत: 12वीं क्लास पास करने के बाद कम्प्यूटर साइंस के सब्जेक्ट के साथ किसी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री से साइबर सेक्युरिटी में अपना करियर बनाया जा सकता है. अगर, आवेदक द्वारा कम्प्यूटर साइंस के सब्जेक्ट के साथ ग्रेजुएशन की है तो उसके लिए और बेहतर होता है.

12वी के बाद साइबर सेक्युरिटी में अपना करियर बनाने के लिए आप इनमे से किसी भी कोर्स को कर सकते हैं.

  • B. Tech (Information Technology)
  • B. Tech (Information Science & Engineering)
  • B.E. (Information Technology)
  • Diploma in Cyber Security
  • B. Tech (Cyber Security and Forensics)

आपने क्या सीखा?

इस लेख में आपने साइबर सेक्युरिटी के बारे में विस्तार से जानकारी ली है. आपने जाना कि साइबर सेक्युरिटी क्या होती है. खुद को साइबर अटैक्स से कैसे बचाते हैं?

साथ ही आपने जाना कि साइबर सेक्युरिटी डिजिटल दुनिया में क्यों महत्वपूर्ण हो गई है. और आप एक साइबर सेक्युरिटी एक्सपर्ट कैसे बन सकते हैं?

हमे उम्मीद है कि यह लेख आपको पसंद आएगा और आपके लिए उपयोगी साबित होगा.

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By TP Staff

लेखक: TP Staff

TP Staff, TutorialPandit की कम्प्यूटर और टेक्नोलॉजी पेशेवरों की टीम है, जिसका नेतृत्व जी पी गौतम द्वारा किया जाता है. TutorialPandit के माध्यम से भारत देश में हर साल लाखों लोग फ्री डिजिटल शिक्षा ग्रहण कर रहे है.

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